मुंबई , अक्टूबर 22 -- महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने राज्य सरकार से प्रदेश की समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति में अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को सलाहकार नियुक्त करने और समिति में खाली पड़े एक पद पर अल्पसंख्यक प्रतिनिधि की नियुक्ति करने का आग्रह किया है।
श्री शेख ने कहा कि प्रस्तावित कानून का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
कानून एवं न्याय विभाग के प्रधान सचिव स्वप्निल खाती को लिखे पत्र में श्री शेख ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को समिति का सलाहकार नियुक्त किये जाने के बाद अब अल्पसंख्यक समुदाय के किसी योग्य व्यक्ति को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रतिनिधित्व होने से समिति को विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों, पारिवारिक मामलों और प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के संभावित प्रभावों से जुड़े अलग-अलग दृष्टिकोणों पर विचार करने में मदद मिलेगी।
श्री शेख ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर. सी. चव्हाण के इस्तीफे से समिति में खाली हुए पद की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने आग्रह किया कि इस पद पर अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के किसी उपयुक्त और योग्य व्यक्ति को नियुक्त किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नागरिक और पारिवारिक जीवन के कई पहलुओं से जुड़ी है। इसमें विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे विषय शामिल हैं। इसलिए प्रस्तावित कानून का ढांचा तैयार करते समय महाराष्ट्र की विविध आबादी के विचारों और चिंताओं को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
श्री शेख इससे पहले भी समिति में अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क कर चुके हैं। उन्होंने समिति के लिए एक पारदर्शी परामर्श व्यवस्था बनाने की भी मांग की, जिसके माध्यम से समाज के सभी वर्ग अपने विचार और सुझाव समिति के सामने रख सकें। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों, महिलाओं, कानूनी पेशेवरों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, नागरिक समाज समूहों और आम नागरिकों को परामर्श प्रक्रिया में भाग लेने के पर्याप्त अवसर दिये जाने चाहिए।
श्री शेख ने कहा कि समिति में विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल करने और खुली परामर्श प्रक्रिया अपनाने से यह पूरी कवायद अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
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