सहारनपुर , जून 19 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा है कि उनकी पार्टी में किसी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है और पार्टी के सभी सांसद, विधायक तथा कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में एकजुट हैं।
श्री मलिक ने गुरुवार को बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव जनाधार वाले, लोकप्रिय और जमीनी नेता हैं। वह पार्टी के प्रत्येक सांसद, विधायक और कार्यकर्ता के साथ परिवार के सदस्य जैसा व्यवहार करते हैं। यही कारण है कि पार्टी के भीतर सभी लोग स्वयं को सम्मानित और सुरक्षित महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का मजबूत जनाधार है और समाजवादी पार्टी का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह कभी भी अखिलेश यादव का साथ नहीं छोड़ेंगे। उनके अनुसार अखिलेश यादव के प्रति उनका राजनीतिक ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सम्मान और लगाव भी है।
सपा सांसद ने बताया कि वह रामपुर के सांसद मोहम्मद मोहिबुल्ला के साथ अलीगढ़ जनपद के अतरौली जा रहे थे, तभी उन्हें लगातार मीडिया के फोन आते रहे और समाजवादी पार्टी में संभावित टूट को लेकर सवाल पूछे जाते रहे। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में दल-बदल राजनीतिक आत्महत्या के समान है।
श्री मलिक ने कहा कि उनके पुत्र पंकज मलिक समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। ऐसे में वह अपने और अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। उन्होंने दावा किया कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के कुछ करीबी लोग उनसे मिले थे और अपनी पार्टी का समाजवादी पार्टी से गठबंधन कराने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस विचार के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के बल पर लड़ेगी। पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और सरकार बनाने में सफल होगी। श्री मलिक ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी सत्ता में आएगी और अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।
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