प्रयागराज , अप्रैल 12 -- उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एसआईआर की अंतिम सूची जारी होने के बाद संभल से सपा सांसद जियाउर रहमान वर्क के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी खाली बर्तन की तरह एसआईआर पर शोर मचा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि सपा को मतदाता सूची में कोई त्रुटि लगती है तो उसे चुनाव आयोग में अपील करनी चाहिए। यदि वहां समाधान न हो तो इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के पास कोई तथ्य नहीं है, लेकिन वह सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रही है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि जब भी विपक्ष चुनाव हारता है तो वह अपनी हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ता है। पहले ईवीएम पर सवाल उठाए गए और अब एसआईआर को मुद्दा बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है, क्योंकि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, उनका सत्यापन कर सूची को सही करना जरूरी है।

सपा सांसद जियाउर रहमान वर्क ने एसआईआर को भाजपा का हथकंडा बताते हुए आरोप लगाया था कि संभल में मुसलमानों, पिछड़ों और दलितों के बड़ी संख्या में वोट काटे गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि वास्तविकता इससे अलग है और सपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव हारती दिख रही हैं, इसलिए उनकी भाषा बदल गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रैली में उमड़ी भीड़ से स्पष्ट है कि बंगाल में भाजपा के पक्ष में माहौल बन रहा है।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भाजपा की विचारधारा पर सवाल उठाने पर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ज्ञानी बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें संविधान और इतिहास की सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान में कई महत्वपूर्ण कार्य भाजपा सरकार ने किए हैं, जबकि कांग्रेस ने उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं दिया।

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