इटावा , जून 18 -- समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद जितेंद्र कुमार दोहरे ने दावा किया है कि पार्टी के सभी 37 सांसद सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कट्टर सिपाही हैं तथा वे किसी भी परिस्थिति में पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।
श्री दोहरे ने यूनीवार्ता से विशेष बातचीत में भाजपा नेताओं द्वारा सपा सांसदों के दल बदलने संबंधी दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे बयान भाजपा की राजनीतिक बेचैनी का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार मजबूत हो रही है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें सपा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई गई थी, दोहरे ने कहा कि पार्टी के सभी 37 सांसद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को आगामी चुनावों में सपा की बढ़ती ताकत का भय सता रहा है।
सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में युवाओं, किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों की उपेक्षा हुई है। बढ़ती बेरोजगारी और जनसमस्याओं के कारण जनता बदलाव चाहती है, जिससे भाजपा नेतृत्व चिंतित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को अपनी राजनीतिक स्थिति पर भरोसा नहीं होता, वही इस प्रकार के दावे करते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के सहयोग से वर्ष 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी।
प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधते हुए दोहरे ने कहा कि कुछ नेता केवल चर्चा में बने रहने के लिए बयानबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान, लोकतंत्र और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों में विश्वास रखने वाली पार्टी है और उसके नेताओं के भाजपा में जाने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
राम मंदिर चंदा विवाद के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर सांसद ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े धन के उपयोग में पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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