पाली , जून 25 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने गुरुवार को कहा कि सनातन संस्कृति अपने लिए नहीं लोक कल्याण की सोच से जुड़ी है और हमे समग्र कल्याण की सोच रखते हुए कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।

श्री बागडे गुरुवार को पाली जिले के सादड़ी में अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ एवं स्वामी करपात्री फाउण्डेशन के तत्वावधान में आयोजित श्री नागेश्वर महादेव, श्री शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, 12 ज्योतिर्लिंग महिमा एवं 21 कुण्डीय विलक्षण महारुद्र महायज्ञ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिव का अर्थ है, सर्व कल्याण। इसलिए इस अवसर पर हम समग्र कल्याण की सोच रखते हुए कार्य करने का संकल्प लें।

उन्होंने भारतीय संस्कृति को विश्व की प्राचीनतम संस्कृति बताते हुए कहा कि राजस्थान शक्ति और भक्ति की धरा है और प्रदेश में शक्ति के साथ भक्ति भाव भी देखने को मिलता है। उन्होंने भगवान शिव आदि योगी के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सिंधु घाटी सभ्यता मोहनजोदड़ो में मिले चिह्न एवं वर्तमान भारतीय सनातन संस्कृति पर विस्तार से प्रकाश डाला। राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं एवं धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के महत्व पर बल दिया।

श्री बागडे ने श्री नागेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किये और गाय एवं घोड़े को लापसी एवं चारा भी खिलाया।

इस अवसर पर बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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