जयपुर , जनवरी 27 -- राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा का पंचम सत्र बुधवार से शुरू होगा और इससे पहले मंगलवार को यहां सर्वदलीय बैठक बुलायी गयी, जिसमें सदन शांतिपूर्वक, नियमों और परम्पराओं से चलने पर सहमति बनी।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में विधानसभा में हुई इस बैठक में सदन शांतिपूर्वक चलने और सभी सदस्यों द्वारा सम्मानजनक एवं गरिमा बनाये रखने वाले शब्दों का उपयोग किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी। पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि पक्ष एवं प्रतिपक्ष के सदस्य सदन में मर्यादापूर्ण व्यवहार से अपनी बात रखेंगे।

बैठक में श्री देवनानी ने कहा कि सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। सभी सदस्यों को बोलने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सदन और आसन की गरिमा सभी सदस्य बनाये रखें। सभी दलों के सभी सदस्य सकारात्मक सोच के साथ सदन को चलायें। उन्होंने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सोलहवीं विधानसभा के पक्ष एवं प्रतिपक्ष सदस्यों की है।

श्री देवनानी ने कहा कि यह सदन जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने का पवित्र स्थल है। इस स्थल की गरिमा को बनाये रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी। इसके लिए यदि सदन को देर तक चलाने की आवश्यकता होगी, तो सदन को देर तक चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं का हल बातचीत से होता है। सदन में समस्याओं के निस्तारण का प्रयास होगा। यहां पर सदस्यों की वार्ता को गम्भीरता से लिया जायेगा, उनकेद्वारा उठायी गयी समस्याओं का निस्तारण भी कराया जायेगा।

उन्होंने सभी दलों से अपील की कि सदन में गरिमा में रहकर मुद्दे उठाये जायें। सभी सदस्य सदन में मर्यादा में रहकर अपनी बात रखें। श्री देवनानी ने कहा कि पिछले सत्रों के 96 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब राजस्थान विधानसभा को प्राप्त हो गये है। उन्होंने कहा कि आगे भी समय पर प्रश्नों के जवाब मंगाये जायेंगे। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी। सदन में समितियों की रिपोर्ट समय पर मंगायी जायेगी।

उन्होंने कहा कि सदन का प्रश्न और शून्यकाल महत्वपूर्ण होता है। इन दोनों समय में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होना चाहिए, इसके लिए सभी दलों को मंथन करना होगा। श्री देवनानी ने कहा कि सदन में अपनी-अपनी बात रखने के लिए पक्ष एवं प्रतिपक्ष के सभी सदस्यों की भावना एक समान होती है। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। सदस्य भी अपनी बात समय सीमा में रखने का प्रयास करें।

इस अवसर पर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि सदन में रखी गयी बातों को सरकार गंभीरता से ले। उन्होंने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी पक्ष के साथ प्रतिपक्ष की भी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में सर्वदलीय बैठक का आयोजन श्री देवनानी की ऐतिहासिक पहल है। सदन संचालन में इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे।

बैठक में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, विपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक मनोज कुमार, राष्ट्रीय लोक दल के विधाकय डॉ सुभाष गर्ग और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक थावरचन्द मौजूद थे।

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