रायपुर , जुलाई 24 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को कर्नाटक के मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और मानवीय मूल्यों पर आधारित सेवा मॉडल की सराहना की तथा राज्य में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

श्री साय ने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु मधुसूदन साई से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव और नवाचार से जनकल्याण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित सत्य साई संजीवनी अस्पताल द्वारा निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की सराहना की। उन्होंने अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

श्री साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए। सम्मेलन में 25 देशों के 100 से अधिक शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट की साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का अवलोकन किया। उन्हें बताया गया कि साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों को पोषण सहायता दी जा रही है। इस दौरान छत्तीसगढ़ के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

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