मुंबई , नवंबर 05 -- महाराष्ट्र पुलिस ने सतारा डॉक्टर आत्महत्या मामले में सरकारी चिकित्सा अधिकारियों के कथित उत्पीड़न और झूठे मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के मामले में निलंबित उपनिरीक्षक गोपाल बदाने को बुधवार को बर्खास्त कर दिया।
फलटन उप-जिला अस्पताल में तैनात डॉ. संपदा मुंडे ने अपनी हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में गोपाल बदाने पर बलात्कार और मानसिक उत्पीड़न के साथ-साथ राजनीतिक दबाव और धमकी देने का आरोप लगाया था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में राज्य के पुलिस महानिदेशक को एक महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया था ताकि विस्तृत जांच की जा सके।
कोल्हापुर रेंज के विशेष महानिरीक्षक सुनील फुलारी की ओर से जारी बर्खास्तगी आदेश में कहा गया है कि पुलिस की जिम्मेदारियों की पूरी समझ होने के बावजूद उपनिरीक्षक ने लापरवाही बरती और नैतिक पतन का परिचय दिया। इसलिए उसे भविष्य में सरकारी सेवा में बनाए रखना जनहित और सामान्य हित की दृष्टि से अनुचित माना गया।"इस बीच महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन से संबंद्ध चिकित्सकों ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है। डॉक्टर व्यवस्थागत सुधार, मुआवज़ा पैकेज और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे थे।
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