मुंबई , मार्च 23 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार ) की महाराष्ट्र राज्य महिला इकाई की प्रमुख रोहिणी खडसे ने सतारा ज़िला परिषद अध्यक्ष चुनाव के दौरान मची अफरा-तफरी को सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगियों के लिए एक "चेतावनी की घंटी" बताया है।
श्रीमती खडसे ने सोमवार को यहाँ संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उससे सत्ता में शामिल अन्य दो पार्टियों को सबक लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच चुनाव-पूर्व गठबंधन होने के बावजूद अध्यक्ष पद अंततः भाजपा के खाते में ही गया जबकि दोनों के पास सीटों की संख्या भाजपा से ज्यादा थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस पद को हासिल करने के लिए ज़ोरदार प्रयास किए, यहाँ तक कि प्रतिद्वंद्वी सदस्यों पर नज़र रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के सदस्यों को एहतियात के तौर पर लगभग एक महीने तक अज्ञात स्थानों पर रखा गया था, और कुछ सदस्यों के रिश्तेदारों पर कथित तौर पर उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराने का दबाव भी डाला गया था।
श्रीमती खडसे ने मतदान के दिन घटित हुई घटना का ज़िक्र करते हुए ने कहा कि शंभूराज देसाई और मकरंद पाटिल जैसे वरिष्ठ नेताओं को अपने सदस्यों को मौके पर पहुँचाने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने दावा किया कि इस अफरा-तफरी में श्री देसाई घायल हो गए, जबकि श्री पाटिल को पुलिसकर्मियों ने घेर लिया था।
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