श्रीनगर , दिसंबर 05 -- कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज़ उमर फारूक ने शुक्रवार को उन सड़े हुए और मिलावटी मांस की जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग जिसे कुछ महीने पहले केंद्र शासित ज़ब्त करके नष्ट कर दिया गया था।
पुराने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ के बाद लोगों को संबोधित करते हुए, मीरवाइज़ ने अधिकारियों से उस जांच की प्रगति के बारे में सवाल किया, जिसे उन्होंने 'बेहद परेशान करने वाला' घोटाला बताया था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने घाटी में खुलेआम बेचे जा रहे कई टन सड़े हुए, बिना लेबल वाले और शायद गैर-कानूनी मांस को ज़ब्त किया था।
मीरवाइज़ ने कहा, "इस चौंकाने वाले खुलासे ने लोगों के भरोसे को बहुत ठेस पहुंचाई कि इतने बड़े पैमाने पर गलत काम लंबे समय तक बिना रोक-टोक के चलता रहा। इसके जवाब में, अधिकारियों ने घटना की पूरी जांच का वादा किया था ताकि दोषियों को बेनकाब करके सज़ा दी जा सके। इस मुद्दे ने राज्य में खाद्य सुरक्षा और नियमों को लेकर गंभीर चिंताओं को भी उजागर किया है।"उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सब कुछ साफ-साफ बताने की अपील की। मीरवाइज ने कहा, "चार महीने से ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन अब तक हमें जांच के बारे में कुछ भी पता नहीं चला है।" उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का हक है कि ज़ब्त किए गए मांस की जांच क्या सामने आया और क्या दोषियों की पहचान करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके व्यापार बंद कर दिए गए हैं। क्या ऐसा मांस अब बाजार में नहीं है?मीरवाइज ने कहा कि प्रशासन को यह सब सार्वजनिक तौर पर बताना चाहिए ताकि लोगों को भरोसा हो और उनका विश्वास वापस लौटे। उन्होंने कहा, "जवाबदेही के लिए सार्वजनिक पारदर्शिता ज़रूरी है, इसलिए अधिकारियों को इस गंभीर घटना के बाद खाद्य सुरक्षा एवं नियम के बारे में जांच के नतीजों और उठाए गए सुधारात्मक कदमों के बारे में सार्वजनित तरीके से बताना चाहिए।"गौरतलब है कि पिछले चार महीनों में सरकार ने प्रदेश में 11,600 किलो सड़ा हुआ और मिलावटी मांस ज़ब्त किये जाने के बारे में जानकारी दी थी। इसमें से 7800 किलो से ज़्यादा मांस कश्मीर में ज़ब्त किया गया था।
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