वाराणसी , मई 15 -- देश की सड़क एवं राजमार्ग अवसंरचना को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सतत बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बीएचयू के बीच परिवहन अनुसंधान तथा राजमार्ग विकास को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के महानिदेशक (सड़क विकास) एवं विशेष सचिव विनय कुमार राजावत के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को आईआईटी बीएचयू का दौरा किया। इस दौरान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और संस्थान के संकाय सदस्यों के बीच भारत के राजमार्ग क्षेत्र के भविष्य को लेकर विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान में संचालित एवं पूर्ण हो चुकी विभिन्न शोध परियोजनाओं तथा मंत्रालय की प्राथमिकताओं से जुड़े नए शोध प्रस्तावों की समीक्षा की। विशेष सचिव विनय कुमार राजावत ने इन शोध कार्यों को देश के महत्वाकांक्षी राजमार्ग विस्तार एवं आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रासंगिक बताया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के चेयर प्रोफेसर प्रो. अंकित गुप्ता ने बताया कि आईआईटी बीएचयू में एलाइनमेंट ऑप्टिमाइजेशन, सतत निर्माण तकनीक, उन्नत पेवमेंट डिजाइन, पर्यावरणीय पहलू, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, सड़क सुरक्षा विश्लेषण तथा लाइफ-साइकिल परफॉर्मेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान का शोध कार्य देश में विकसित किए जा रहे ग्रीनफील्ड एवं हाई-स्पीड कॉरिडोरों की योजना और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

दौरे का प्रमुख आकर्षण आईआईटी बीएचयू और बिटुमेन फोरम के बीच हुए एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। यह समझौता बिटुमिनस मटेरियल्स एवं पेवमेंट इंजीनियरिंग के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा, जो उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एमओयू पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. राजेश कुमार, प्रो. अंकित गुप्ता सहित संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य तथा सड़क परिवहन मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की उन्नत परिवहन अनुसंधान प्रयोगशालाओं का भी अवलोकन किया और पेवमेंट इंजीनियरिंग, राजमार्ग योजना, सतत परिवहन सामग्री, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम तथा डेटा आधारित सड़क सुरक्षा प्रणालियों पर चल रहे शोध कार्यों की सराहना की। अधिकारियों ने आईआईटी बीएचयू को देश के अग्रणी परिवहन अनुसंधान केंद्रों में से एक बताया।

प्रो. अंकित गुप्ता ने कहा कि यह सहयोग भारत के परिवहन क्षेत्र की महत्वपूर्ण संस्थागत साझेदारियों में से एक बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सुरक्षित सड़कें, टिकाऊ पेवमेंट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और हरित राजमार्ग कॉरिडोर विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच दीर्घकालिक सहयोग के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके तहत ग्रीनफील्ड हाईवे एवं बिटुमिनस पेवमेंट टेक्नोलॉजी पर संयुक्त शोध परियोजनाएं, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं हेतु परामर्श सेवाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी मानकों का संयुक्त विकास किया जाएगा।

आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि संस्थान भारत में सुरक्षित, स्मार्ट और सतत सड़क अवसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारतमाला परियोजना, पीएम गति शक्ति और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रमों के तहत देश के सड़क अवसंरचना विकास में दीर्घकालिक योगदान देगी।

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