बैतूल , जून 20 -- मध्य प्रदेश में बैतूल जिले के नगर पालिका परिषद ने शहर में आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या, यातायात में बाधा और जनसुरक्षा को देखते हुए पशुपालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि नगरीय सीमा में मवेशी रखने वाले सभी पशुपालकों को अपने पशुओं का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रति मवेशी दो हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा शनिवार को जारी सूचना के अनुसार नगर क्षेत्र के सभी पशुपालकों एवं मवेशी मालिकों को निर्धारित समयावधि में आवश्यक दस्तावेजों के साथ नगर पालिका की राजस्व शाखा में पंजीयन कराना होगा। जिन पशुपालकों ने अब तक पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें तत्काल प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर पालिका ने कहा है कि मवेशियों को सड़क, चौराहों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ना प्रतिबंधित रहेगा। निरीक्षण के दौरान यदि कोई मवेशी आवारा अवस्था में घूमता पाया गया तो संबंधित पशु मालिक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिषद के निर्णय के अनुसार नगर पालिका द्वारा पकड़े गए प्रत्येक आवारा मवेशी पर उसके मालिक से दो हजार रुपये प्रति मवेशी के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा नगर पालिका की प्रचलित उपविधियों के तहत की जाएगी।

नगर पालिका प्रशासन ने पशुपालकों को चेतावनी दी है कि बार-बार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन ने सभी पशुपालकों से समय रहते पंजीयन कराने और मवेशियों को सार्वजनिक स्थानों पर खुला नहीं छोड़ने की अपील की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित