मनेंद्रगढ़ , फरवरी 18 -- मनेंद्रगढ़ से चिरमिरी (साजा पहाड़) तक प्रस्तावित 17.40 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण, चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं सक्षम प्राधिकारी भू-अर्जन मनेंद्रगढ़ ने इस परियोजना से प्रभावित तीन गांवों में ग्रामसभा एवं जनसुनवाई आयोजित करने का कार्यक्रम जारी किया है। यह सड़क मार्ग पुल-पुलियों सहित निर्मित किया जाना प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र का संपर्क मजबूत होगा।
जिला पीआरओ से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार,प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस सड़क परियोजना के अंतर्गत कुल तीन ग्रामों - मेंड्राडोल, परसगढ़ी एवं चैनपुर - की भूमि अधिग्रहित की जानी है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा चार के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण दल का गठन कर दिया गया है। इसी कड़ी में अधिग्रहण की कार्यवाही को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए ग्रामसभा के माध्यम से जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियां एवं समय निर्धारित कर दिए गए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले ग्राम मेंड्राडोल में 20 फरवरी प्रातः 11 बजे से दोपहर दो बजे तक जनसुनवाई आयोजित होगी। इस ग्राम की कुल 14 खसरा संख्या की भूमि इस परियोजना से प्रभावित होगी। इसी दिन दूसरे चरण में ग्राम परसगढ़ी में दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक जनसुनवाई होगी, जहां सात खसरों की भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावित दायरे में शामिल है।
वहीं तीसरे ग्राम चैनपुर में 21 फरवरी प्रातः 11 बजे से जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। यह सबसे बड़ा प्रभावित गांव है, जहां 23 खसरा संख्या की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल बताई गई है। इस प्रकार इन तीनों ग्रामों को मिलाकर कुल 44 खसरों की भूमि मनेंद्रगढ़-चिरमिरी मार्ग निर्माण परियोजना से प्रभावित होगी।
प्रशासन ने प्रभावित ग्रामों के समस्त भूमि स्वामियों, सह-स्वामियों एवं कृषकों से विशेष अपील की है कि वे जनसुनवाई के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपने भूमि संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे खसरा, बी-1, ऋण पुस्तिका, विक्रय पत्र, नामांतरण, डायवर्सन, न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जानकारी एवं अन्य आवश्यक कागजात साथ लेकर आएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भूमि स्वामी सर्वेक्षण या जनसुनवाई के समय अनुपस्थित रहता है अथवा आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराता है, तो भविष्य में किसी प्रकार के वाद-विवाद की स्थिति में वह स्वयं जिम्मेदार होगा। ऐसी स्थिति में उपलब्ध शासकीय अभिलेखों के आधार पर ही कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने सभी प्रभावित भूमि धारकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी बात रखें और सड़क निर्माण जैसी जनहित की इस परियोजना को सफल बनाने में सहयोग करें।
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