मुरैना , जुलाई 11 -- मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा क्षेत्र स्थित जोहा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे नवनीत सिंह तोमर को पुलिस और प्रशासन ने शुक्रवार देर शाम हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण के बाद शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर अंबाह जेल भेज दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लगातार बारिश के बीच धरना स्थल पर ग्रामीणों की संख्या कम होने पर अंबाह के एसडीओपी रवि प्रताप भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस एवं प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार का हवाला देते हुए नवनीत सिंह तोमर तथा उनके साथियों को एंबुलेंस से रवाना किया।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें अंबाह अस्पताल ले जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन एंबुलेंस को मुरैना की ओर मोड़ दिया गया। इसका विरोध करते हुए नवनीत तोमर और उनके साथियों ने रास्ते में चलती एंबुलेंस से कूदने का प्रयास किया, जिससे बरेह तिराहे पर कुछ देर हंगामे की स्थिति बन गई।
एसडीओपी श्री भदौरिया ने बताया कि पुलिस केवल मेडिकल परीक्षण के लिए आंदोलनकारियों को ले जा रही थी। रास्ते में उनके वाहन से कूदने का प्रयास करने और हाईवे पर अव्यवस्था की स्थिति बनने पर सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 151 के तहत शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर अंबाह जेल भेज दिया गया।
उल्लेखनीय है कि नवनीत सिंह तोमर गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में आंदोलन तेज हो गया है। शनिवार सुबह से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण धरना स्थल पर एकत्र होकर उनकी रिहाई तथा सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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