महासमुंद , फरवरी 17 -- छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले में बीटीआई रोड से कलेक्टर कॉलोनी तक चल रहा सड़क चौड़ीकरण कार्य अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनता जा रहा है।
बढ़ती आबादी और सुगम यातायात व्यवस्था के उद्देश्य से करीब दस करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना शुरू की गई है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
नगरपालिका क्षेत्र में बरोण्डा चौक से कलेक्टर कॉलोनी तक लगभग 2.3 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। विभाग ने मेसर्स किरण बिल्डकॉन को ठेका दिया है। परियोजना के तहत सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण और बीच में डिवाइडर बनाया जाना है। इसके लिए पेड़ों की कटाई, विद्युत पोल शिफ्टिंग और नाली निर्माण का कार्य जारी है।
नियमों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय अनिवार्य होते हैं। चेतावनी सूचना फलक, खुदे गड्ढों के चारों ओर रेडियम संकेतक, तथा सफेद बोरे में भरी रेत जैसे इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि विशेषकर रात के समय वाहन चालकों को खतरे की जानकारी मिल सके। लेकिन मौके पर इन सुरक्षा मानकों का पालन होता नहीं दिख रहा है।
कई स्थानों पर बिना किसी चेतावनी संकेत के गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से खुदाई करते समय पेयजल पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार अब तक 10 से 12 बार पाइप फटने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके चलते लोगों को दो से तीन दिन तक पेयजल संकट झेलना पड़ा। लगातार उड़ती धूल से आसपास के रहवासी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत भी कर रहे हैं।
नगरपालिका के जल प्रभारी दुर्गेश का कहना है कि पाइप फटने की उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
मामले को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने की बात कही है। उनका कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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