पटना , मार्च 18 -- बिहार के योजना एवं विकास विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सटीक, विश्वसनीय एवं समयबद्ध आंकड़े अत्यंत आवश्यक हैं। मंत्री श्री यादव ने आज 'सतत विकास लक्ष्यों की मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क, पर्यावरणीय लेखांकन एवं जेंडर सांख्यिकी' पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की क्षमता निर्माण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला शासन में डाटा के महत्व को अधिक मजबूत करने तथा नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि 'गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रभावी नीतियों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि एसडीजी के 'लीव नोवन बिहाइंड' सिद्धांत को साकार करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिहार अब सिर्फ बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि यह पूर्वी भारत के प्रमुख टेक हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। बेहतर कानून व्यवस्था, सड़कें, 24 घंटे बिजली के बाद सरकार अब औद्यौगिकीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।

श्री अमृत ने बताया कि 20 नवंबर 2026 को जब सरकार अपना एक वर्ष पूरा करेगी, तबतक निवेश और विकास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल करने की योजना है।उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों पर कहा कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में महिला वोटरों की भागीदारी ऐतिहासिक रही। इसमें 71 प्रतिशत महिलाओं ने वोट किया। यह आजादी के बाद का सबसे अधिक प्रतिशत है। बिहार में देश की सबसे अधिक महिला कांस्टेबल हैं। पंचायती राज में 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह पहला राज्य है वहीं सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत सीट आरक्षित है।

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