लखनऊ , जनवरी 29 -- यूजीसी के नए नियम को लेकर उच्चतम न्यायालय की रोक पर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सच्चा न्याय वही होता है जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो। न्यायालय का दायित्व है कि वह यह सुनिश्चित करे कि न किसी का उत्पीड़न हो और न ही किसी के साथ नाइंसाफी।

श्री यादव ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि कानून की भाषा ही नहीं, उसकी भावना भी स्पष्ट होनी चाहिए, क्योंकि बात सिर्फ नियमों की नहीं, नीयत की भी होती है। देश में संविधान और कानून होने के बावजूद समय-समय पर भेदभाव और अन्याय देखने को मिलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी मामले में दोषी न बचें और निर्दोष के साथ अन्याय न हो, यही लोकतंत्र की असली कसौटी है।

उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2012 में भी यूजीसी रेगुलेशन लागू हुए थे, लेकिन उनसे क्या सबक लिया गया, यह सवाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संविधान स्पष्ट रूप से निर्देश देता है कि किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी और रोजगार देने में विफल रही है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर हर वर्ग परेशान है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। बिचौलियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता से किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं कर पाई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित