अल्मोड़ा , मई 10 -- उत्तराखंड सरकार के संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव ने शनिवार को जनपद के आदर्श संस्कृत ग्राम जैंती (पांडे कोटा) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा को भारतीय संस्कृति और परंपरा की मूल आधारशिला बताते हुए कहा कि सरकार संस्कृत के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और इसे रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
ग्रामवासियों ने सचिव का पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया। गांव के प्रवेश द्वार से संस्कृत विद्यालय तक छात्र-छात्राओं और स्थानीय महिलाओं ने स्वागत गीतों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान दीपक गैरोला ने गांव में संचालित संस्कृत शिक्षा कार्यक्रमों की जानकारी ली और ग्रामवासियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब तक जिन संस्कृत ग्रामों का निरीक्षण किया गया, उनमें आदर्श संस्कृत ग्राम जैंती पांडे कोटा सर्वश्रेष्ठ पाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से संस्कृत समाचार सुनने की सलाह भी दी।
सचिव ने बताया कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। संस्कृत विद्यालयों में बालिकाओं को गार्गी छात्रवृत्ति तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसके अलावा में छात्राओं के लिए 150 बेड का छात्रावास इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्यमा स्तर से विज्ञान और गणित विषय शुरू किए गए हैं, जिससे संस्कृत के विद्यार्थी भी अब जी मेन और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे। मंत्र चिकित्सा और प्रज्ञा चक्षु जैसे विषयों पर भी शोध एवं अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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