पटना , अप्रैल 24 -- बिहार विधानसभा ने आज संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पारित होने में बाधा डालने के लिए विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा विश्वास मत हासिल करने के तुरंत बाद, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने निंदा प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्षी दलों ने अपनी "महिला विरोधी मानसिकता" के कारण आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने दिया।

श्री चौधरी के इस प्रस्ताव का विपक्षी सदस्यों ने तीखा विरोध किया। राजद नेता आलोक मेहता ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए, इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।इस दौरान विपक्षी विधायकों की नारेबाजी, शोर-शराबे और सदन से वॉकआउट के बीच निंदा प्रस्ताव पारित हो गया।

आज सदस्यों ने सदन में पूर्व विधायकों - सतीश कुमार, सैयद गुलाम हुसैन, सियाराम यादव, राधिका देवी और मंसूर आलम को श्रद्धांजलि दी, जिनका इस बीच निधन हो गया था। दिवंगत आत्माओं की स्मृति में सदन ने एक मिनट का मौन रखा।

श्रद्धांजलि के बाद विधानसभा का यह एकदिवसीय विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

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