वाराणसी , जुलाई 31 -- संसद परिसर में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर संत समाज की नाराजगी सामने आई है।

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेन्द्रानंद सरस्वती ने शुक्रवार को कहा कि संसद परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा सांसद पप्पू यादव सहित विपक्षी नेताओं द्वारा भगवा वस्त्रों का जिस प्रकार इस्तेमाल किया गया, वह सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान है। समिति इसकी कड़ी निंदा करती है।

उन्होंने कहा कि जहां तक राम मंदिर का प्रश्न है, अयोध्या के साधु-संत इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। कथित अनियमितताओं के मामले में जांच एजेंसियां और उच्चतम न्यायालय कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की आड़ में सनातन धर्म, साधु-संतों के त्याग और उनकी परंपरा का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।

श्री सरस्वती ने कहा कि संसद संविधान के अनुसार एक पवित्र परिसर है और उसका उपयोग किसी भी प्रकार से धार्मिक भावनाओं को आहत करने अथवा सनातन परंपरा का उपहास उड़ाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का प्रदर्शन हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था।

उन्होंने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार का आचरण करने वाले सांसदों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए तथा उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को एक-दूसरे से वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष करने का पूरा अधिकार है, लेकिन भगवान राम, सनातन धर्म और साधु-संतों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय संत समिति ऐसे कृत्यों का विरोध करती रहेगी।

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