दरभंगा, मई 16 -- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिन वादी (भाकपा माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि वर्तमान दौर में संवैधानिक संस्थाओं पर सत्ता का दबाव बढ़ता जा रहा है।

भाकपा माले के 12वें तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को दरभंगा के लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान सभागार में हुई।

सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर "बुलडोज़र राज के खिलाफ लोकतंत्र का सवाल" विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश की जनता को "आजादी की नई लड़ाई" लड़नी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान दौर में सुशासन की जगह "बुलडोज़र राजनीति" को बढ़ावा दिया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं पर सत्ता का दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और बिहार में चुनाव के दौरान धनबल के इस्तेमाल के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश की गयी।

श्री भट्टाचार्या ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभक्ति के नाम पर आर्थिक संकट का बोझ गरीबों पर डालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इसकी जिम्मेदारी सरकार की नीतियों पर है। उन्होंने मजदूरों, किसानों, छात्रों और सीएए विरोधी आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन इन्हीं जनआंदोलनों की पृष्ठभूमि से बना है और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर संघर्ष तेज करना होगा।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पैसे बांटे गए, लेकिन प्रशासन और पर्यवेक्षकों ने कार्रवाई नहीं की।

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