जयपुर , अप्रैल 14 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर का बनाया संविधान आज भी सबसे प्रासंगिक है जिसकी मूल भावना की रक्षा करना सामूहिक दायित्व है।
श्री पायलट ने आज अंबेडकर जयंती पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पुष्पाजंलि कार्यक्रम में के अवसर मीडिया से मुखातिब होते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद अध्ययन और अथक परिश्रम से जिस संविधान का निर्माण किया, वह आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई स्तरों पर संविधान की मूल भावना और इसके प्रावधानों की अवहेलना की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सभी को, विशेषरूप से जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को, केवल संविधान के समक्ष माथा टेकने तक सीमित ना रहकर इसमें निहित मूल्यों और सिद्धांतों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
श्री पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं को अधिकार देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि डॉ. मनमोहन सिंह जी सरकार के दौरान श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में महिला आरक्षण विधेयक तैयार किया गया था, जिसे उस समय भाजपा के विरोध के कारण लोकसभा में पारित नहीं किया जा सका था। उन्होंने कहा कि आज जब सरकार इस दिशा में कदम बढ़ा रही है, तो प्रक्रियाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन और जनगणना जैसे बड़े विषयों पर चर्चा करने के लिए सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज चुनावों में हो रही देरी और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा पंद्रह अप्रैल की समय सीमा के बावजूद सरकार विभिन्न बहानों से सरपंच, प्रधान और पार्षद जैसे महत्वपूर्ण पदों के चुनाव टाल रही है, जो जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर हार का डर और जनता का आक्रोश इस देरी का मुख्य कारण है।
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