श्रीगंगानगर , जून 20 -- राजस्थान में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा संविदा नर्सों की सेवाएं समाप्त किए जाने के फैसले से आहत होकर एक नर्सिंग कर्मी दीपक द्वारा आत्महत्या करने के विरोध में श्रीगंगानगर में राजस्थान नर्सेज संघ ने शनिवार को जिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

संघ के सदस्यों ने द्वार पर हुई बैठक में राजधानी जयपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे आंदोलन का पूरा समर्थन जताते हुए दीपक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही संविदा सेवा से हटाए गए सभी नर्सेज की सेवाएं तुरंत बहाल करने, वर्तमान में संविदा पर कार्यरत नर्सेज को आगामी नर्सिंग भर्ती में मेरिट के साथ बोनस अंक देकर प्राथमिकता देने और चिकित्सा विभाग में संविदा रोजगार एजेंसियों के माध्यम से नर्सेज की भर्ती पर पूर्ण रोक लगाने की मांग रखी।

बैठक को संबोधित करते संघ के जिलाध्यक्ष रविन्द्र शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार सिहाग ने कहा कि दीपक की मौत एक चेतावनी है। राज्य सरकार समय रहते इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा-नर्सेज पूरे राज्य में इन मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। दीपक के परिवार को न्याय दिलाना हमारा नैतिक दायित्व है। राज्य सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करके आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

श्रीगंगानगर जिले के नर्सेज ने स्पष्ट किया कि राज्यव्यापी आह्वान पर जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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