हरिद्वार , सितंबर 07 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत शंकर आश्रम चौक तथा पुराना रानीपुर मोड़-परशुराम चौक क्षेत्र में प्रस्तावित अवस्थापना विकास कार्यों को लेकर स्थानीय व्यापारियों एवं जनप्रतिनिधियों की आशंकाएं संवाद के बाद दूर हो गई हैं।

सोमवार को मेला प्रशासन ने स्थानीय लोगों को प्रस्तावित योजनाओं के ब्लू प्रिंट और डिजाइन दिखाकर सड़क, फुटपाथ, चौराहों के सुधार एवं सौंदर्यीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों, स्थानीय आवागमन और पार्किंग की सुविधा का पूरा ध्यान रखने का आश्वासन दिया।

मेलाधिकारी सोनिका के निर्देश पर आज अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने अधिकारियों की टीम के साथ दोनों क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम लोगों से संवाद कर कुंभ मेला मद से प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा देना नहीं, बल्कि मेले के बाद भी हरिद्वारवासियों को बेहतर अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अपर मेलाधिकारी ने बताया कि हरकी पैड़ी से प्रमुख मंदिरों एवं बाजारों तक पैदल आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पैदल यात्री अनुकूल फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आंतरिक सड़कों एवं चौराहों का सुधार, सौंदर्यीकरण, पौधारोपण और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात संचालन को भी व्यवस्थित किया जाएगा।

उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि निर्माण के दौरान उनकी व्यावहारिक जरूरतों और सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। उपयोगी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर योजनाओं को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप क्रियान्वित किया जाएगा।

संवाद के दौरान व्यापारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि योजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले यातायात, आवागमन और वाहनों की पार्किंग को लेकर कुछ आशंकाएं थीं। ब्लू प्रिंट और डिजाइन के माध्यम से प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी मिलने के बाद उनकी अधिकांश भ्रांतियां दूर हो गई हैं। उन्होंने सड़क, फुटपाथ और चौराहों के सुधार एवं सौंदर्यीकरण को हरिद्वार के लिए उपयोगी बताते हुए कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

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