रांची , अप्रैल 27 -- झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने संवर्ग समीक्षा समिति के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है।

संघ ने समिति को अवैधानिक और पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल भंग करने की मांग की है। इसी कड़ी में संघ ने 28 अप्रैल को प्रोजेक्ट बिल्डिंग परिसर में मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान मानव श्रृंखला बनाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

संघ ने राज्यपाल सह कुलाधिपति और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। संघ का कहना है कि सचिवालय सेवा के पुनरीक्षण के लिए गठित समिति का गठन निर्धारित प्रक्रिया के तहत नहीं किया गया। यह समिति केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के 30 सितंबर 2022 के पत्र के आधार पर बनाई गई है, जिसे संघ केवल परामर्शात्मक बता रहा है।

संघ ने समिति के टर्म ऑफ रेफरेंस पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इसमें संबंधित स्टेकहोल्डर्स, विभागों और अधिकारियों से व्यापक परामर्श नहीं लिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया एकतरफा प्रतीत होती है और सेवा के अधिकारियों में असंतोष बढ़ा है। संघ ने आरोप लगाया कि कार्मिक विभाग ने गुपचुप तरीके से समिति का गठन कर सरकार को गलत तथ्यों के आधार पर प्रभावित किया है।

संघ के अनुसार, झारखंड सचिवालय सेवा का गठन केंद्रीय सचिवालय सेवा के अनुरूप हुआ है, लेकिन राज्य में पद संरचना और प्रोन्नति के मामलों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वर्ष 2018 से उप सचिव के 41 और संयुक्त सचिव के 24 अतिरिक्त पदों के सृजन का प्रस्ताव लंबित है, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया।

संघ का कहना है कि सेवा में पदों की भारी कमी के कारण प्रोन्नति के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। कई पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन योग्य अधिकारियों को प्रोन्नति नहीं मिल पा रही है। संघ ने कार्मिक विभाग पर प्रोन्नति प्रक्रिया को बाधित करने और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

इसके अलावा, संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में विभाग ने वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी दी और न्यायालय के निर्देशों के बावजूद कई मामलों में उचित कार्रवाई नहीं की गई।

संघ ने सरकार से मांग की है कि केंद्र की तृतीय कैडर रिव्यू कमेटी की सिफारिशों के आधार पर राज्य में पद संरचना लागू की जाए और वर्तमान समिति को भंग किया जाए।

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 28 अप्रैल को प्रस्तावित मानव श्रृंखला को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

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