चंडीगढ़ , जून 19 -- संयुक्त किसान मोर्चा (पंजाब) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों-मजदूरों की कर्जमुक्ति, जल संसाधनों के संरक्षण, फसल बीमा, भूमि अधिग्रहण, किसान आंदोलनों से जुड़े मामलों की वापसी तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को उठाया।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसानों द्वारा उठाये गये सभी मुद्दों और मांगों को वह व्यक्तिगत रूप से पंजाब सरकार तथा भारत सरकार के समक्ष उठाएंगे और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की कृषि, जल संसाधन तथा किसानों की आजीविका से जुड़े विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पर गंभीरता से विचार किये जाने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने संयुक्त किसान मोर्चा से आग्रह किया कि वे अपनी मांगों के साथ-साथ उनके व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक समाधान संबंधी विस्तृत सुझाव भी उपलब्ध करवायें, ताकि उन्हें संबंधित सरकारों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
राज्यपाल ने यह भी जानकारी दी कि चंडीगढ़ में किसान नेताओं के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी वापस लेने संबंधी प्रस्ताव राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है तथा इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल द्वारा किसानों के मुद्दों को गंभीरता से सुनने तथा उन्हें संबंधित सरकारों के समक्ष उठाने के आश्वासन के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
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