चंडीगढ़ , अप्रैल 02 -- संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर गुरूवार को देशभर में जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति के नाम किसानों और कृषि से संबंधित जवलंत मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे गए।

ज्ञापन में किसानों ने रबी सीजन की फसलों विशेषकर गेहूं एवम सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने नए काले नियम लागू कर के गेहूं की खरीद की प्रक्रिया को अव्यवहारिक एवं जटिल बना दिया है जिससे किसानों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गेट पास के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन एवम ट्रैक्टर-ट्राली पर नम्बर प्लेट लगे होना अनिवार्य कर उसका फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया में बहुत समय लगेगा जिसकी वजह से मंडियों के बाहर लम्बा जाम लग जायेगा। इस तरीके के नियम किसानों को परेशान एवम प्रताड़ित करने के लिए बनाए जा रहे हैं जिन्हें तुरन्त वापस लिया जाए।

किसान नेताओं ने कहा कि आलू के दाम गिरने की वजह से किसानों की लागत भी पूरी नहीं हो रही है जिससे किसान आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। हालिया समय में आलू के किसानों जसकरण सिंह एवं जसविंदर सिंह (पंजाब) और सोनपीर सिंह कुशवाहा एवम विकास चौधरी (उत्तरप्रदेश) की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे हालात में आलू किसानों के लिये केंद्र सरकार एवम राज्य सरकारों को स्पेशल राहत पैकेज जारी करना चाहिए तथा उचित दामों पर आलू की खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए।

ज्ञापन में कहा गया है कि भारत-अमेरिका के मध्य होने जा रहे प्रस्तावित व्यापार समझौते में खेती, डेयरी एवम पोल्ट्री क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए और अमेरिका से खाद्य एवम कृषि उत्पादों के आयात पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए। इसके साथ ही किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।

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