पटना , जुलाई 16 -- बिहार में मानसून के दस्तक देने और संभावित बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटने संबंधी पूर्व तैयारियों को लेकर पथ निर्माण विभाग में गुरुवार को एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महत्वपूर्ण जिलों में सड़क, पुल की स्थिति और बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने और उससे निपटने की दिशा में की जाने वाली तैयारियों से संबंधित अलग-अलग बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में अभियंता प्रमुख उमाकांत रजक ने आउटपुट एंड परफार्मेंस बेस्ड रोड मेंटीनेंस कॉन्ट्रैक्ट (ओपीआरएमसी) से आच्छादित पथों पर संवेदकों से अस्थायी पुनर्स्थापन और अंचल स्तर पर सूचीबद्ध कार्य, बाढ़ के दौरान पथों, पुल-पुलियों के त्वरित सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण की व्यवस्था, कटाव, पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अस्थायी पुनर्स्थापन के लिए बेली ब्रिज का भंडारण, मुख्यालय स्तर पर विभागीय बाढ़ प्रबंधन कोषांग का संचालन आदि बिंदुओं पर गहनता से चर्चा की गई।
इस बैठक में अधिकारियों ने अभियंता प्रमुख को जानकारी दी कि विभागीय पथों पर अवस्थित पुल-पुलियों का सर्वे कराया जा रहा है। इसमें पथ प्रमंडल, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और आईआईटी पटना की टीम आपसी सामंजस्य के बीच कार्य कर रही है। बैठक में पथ निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव अभिषेक पलासिया के साथ मुख्य अभियंता और संबंधित दूसरे अधिकारी मौजूद थे।
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