वाराणसी , अगस्त 8 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में संभावित बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को एनडीआरएफ की नाव से गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने नमो घाट से केशव घाट, गंगा-वरुणा संगम, सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहना सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के जलस्तर, जल प्रवाह, जलभराव की संभावनाओं तथा तटवर्ती आबादी की स्थिति की जानकारी लेकर अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बाढ़ राहत शिविरों, पहुंच मार्गों, राहत एवं बचाव संसाधनों को पूरी तरह सक्रिय रखने तथा एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तत्काल पहुंचाया जा सके।

जिलाधिकारी ने तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने, अफवाहों से बचने और केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने तहसीलदार सदर को वरुणा तट के परिवारों के बीच घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने और संभावित बाढ़ से बचाव संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन में पूर्व तैयारी, सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ अलर्ट मोड में रहकर किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।

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