लखनऊ , नवंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि जनपद संभल का समग्र विकास प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
श्री योगी ने विस्तृत समीक्षा बैठक में जिले के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और विभागीय प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संभल का समग्र विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है, जिसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पहले चरण में जनपद के प्राचीन तीर्थों और कूपों का पुनरुद्धार तेजी से किया जाए। उन्होंने बताया कि संभल में 68 तीर्थ और 19 कूप दर्ज हैं, जिनके जीर्णोद्धार और पहचान के लिए कार्य तेज गति से होना चाहिए। दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड शो और अन्य सांस्कृतिक परियोजनाओं पर फोकस किया जाएगा, जिससे संभल की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिले।
उन्होंने जनपद न्यायालय, कारागार और पीएसी की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों के कार्यालय स्थापित किए जाने की योजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए 93 प्रतिशत भूमि क्रय कर ली गई है, जिस पर मुख्यमंत्री ने डीपीआर जल्द तैयार करने और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने 24 कोसी परिक्रमा मार्ग, प्रमुख तीर्थ स्थलों के पास सड़क निर्माण एवं सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। महिष्मती नदी के पुनरुद्धार की समीक्षा करते हुए उन्होंने जोर दिया कि नदियाँ जीवनदायिनी हैं और नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत महिष्मती नदी का पुनर्जीवन तेजी से कराया जाए।
उन्होंने नगर विकास विभाग की वंदन योजना, वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, तालाब/पोखर विकास योजना तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति जानी और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। अंत में, मुख्यमंत्री ने सीबीजी प्लांट के निर्माण को भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
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