बैतूल , मई 12 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के चर्चित एंबुलेंस चालक दीपक बामने अपहरण और हत्या मामले में सत्र न्यायालय ने मृतक के पिता, सौतेली बहन और उसके प्रेमी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने तीनों आरोपियों को अपहरण के आरोप में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 13-13 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

मामला सारणी थाना क्षेत्र के घोड़ाडोंगरी का है। मृतक दीपक बामने निजी एंबुलेंस चालक था। अभियोजन के अनुसार छह फरवरी 2025 की रात करीब साढ़े 12 बजे सर्राफा बाजार क्षेत्र से उसका अपहरण किया गया था। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई थी, जिसमें आरोपी दीपक के साथ मारपीट करते हुए उसे जबरन होंडा सिटी कार में बैठाकर ले जाते दिखाई दिए थे।

जांच में सामने आया कि संपत्ति विवाद के चलते दीपक के पिता अनिल बामने, सौतेली बहन आरती बामने और आरती के प्रेमी नवनीत सराठे ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। तीनों ने दीपक के हाथ-पैर और मुंह बांधकर उसकी हत्या कर दी और शव को नर्मदा नदी में फेंक दिया।

घोड़ाडोंगरी पुलिस ने 07 फरवरी 2025 को अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान संदेह के आधार पर आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या कर शव नर्मदा नदी में फेंकने की बात स्वीकार कर ली। बाद में नर्मदापुरम के गोंदरी घाट के पास नदी किनारे रेत में शव बरामद किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज अभियोजन पक्ष का सबसे अहम साक्ष्य साबित हुआ। न्यायालय ने इसे "लास्ट सीन" का महत्वपूर्ण प्रमाण मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार को भी राजसात करने के आदेश दिए। मामले में शासन की ओर से शासकीय लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने पैरवी की थी।

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