नयी दिल्ली , जून 03 -- दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना के बाद गृह मंत्री आशीष सूद के साथ आपातकालीन उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

गृह विभाग के तत्वावधान में पूरे दिल्ली में अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक व्यापक बहु-विभागीय कार्य योजना तैयार की गयी है। जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस उपायुक्तों और उपायुक्तों के संयुक्त नेतृत्व में एक महीने तक प्रवर्तन और रोकथाम अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य होटलों, गेस्ट हाउसों, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटरों और अन्य संवेदनशील परिसरों सहित, पहचाने गए गैर-अनुपालन वाले प्रतिष्ठानों का कड़ा अग्नि सुरक्षा निरीक्षण, ऑडिट करना और उन्हें सील करना है। मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त संयुक्त रूप से अभियान की निगरानी करेंगे , ताकि हर स्तर पर किसी भी तरह की ढिलाई न हो और कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। घटना की गहन जांच करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक मजिस्ट्रियल जांच का भी आदेश दिया गया है।

इससे पहले घटना के बाद श्री सूद ने प्रभावित परिसर का मौके पर जाकर निरीक्षण किया था और 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' योजना के तहत अवैध रूप से संचालित और नियमों का पालन न करने वाले गेस्ट हाउसों के खिलाफ पूरे दिल्ली में तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई का आदेश दिया था। उन्होंने दिल्ली अग्निशमन सेवाओं, जिला प्रशासन, पुलिस और नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया, ताकि बचाव कार्यों की समीक्षा की जा सके तथा उन परिस्थितियों का आकलन किया जा सके जिनके कारण जान-माल का इतना भारी नुकसान हुआ।

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा और लाइसेंसिंग मानदंडों के गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं, जिनमें अनधिकृत व्यावसायिक विस्तार, कमरों का अवैध निर्माण, निकासी मार्गों में रुकावट और 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' नीति के तहत दी गई अनुमतियों का दुरुपयोग शामिल है।

गौरतलब है कि मालवीय नगर क्षेत्र में एक होटल में आज भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गयी है, जबकि 35 घायल अस्पताल में भर्ती हैं। हताहतों में कुछ विदेशी नागरिक शामिल हैं।

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