हैदराबाद , फरवरी 15 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने रविवार को कहा कि लंबाडा आदिवासी संत श्री सेवालाल महाराज ने पीढ़ियों को शांति और इंसानियत के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया और आज भी समाज को रास्ता दिखा रहे हैं।

बंजारा हिल्स में सेवालाल भवन में श्री सेवालाल महाराज की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवालाल महाराज देश भर में लंबाडा आदिवासियों के प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि सेवालाल जयंती को आधिकारिक रूप से मनाना सरकार की जिम्मेदारी है।

तेलंगाना आंदोलन में लंबाडा आदिवासियों के योगदान को याद करते हुए श्री रेवंत रेड्डी ने शहीद सुरेश नायक और कविता नायक को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस मकसद के लिए अपनी जान दे दी।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना में आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और शासन में उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। निजी अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने मिडजिल से जेडपीटीसी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था तो थंडास के लंबाडा युवाओं ने उनकी जीत में अहम भूमिका निभायी थी। उन्होंने कहा कि उनके 20 साल के राजनीतिक करियर में लंबाडा समुदाय उनके साथ खड़ा रहा और मुख्यमंत्री बनने में उनका साथ दिया।

श्री रेवंत रेड्डी ने थंडास के लिए कई कल्याणकारी और बुनियादी ढांचे के उपायों की घोषणा की, जिनमें बीटी सड़कों का निर्माण, सरकारी विद्यालयों की स्थापना, ग्राम पंचायत भवनों, पेयजल टैंकों की स्थापना, सौर पंप सेट और सुनिश्चित जल आपूर्ति शामिल है। उन्होंने उल्लेख किया कि आदिवासी बस्तियों में 'मिशन भागीरथ' जल आपूर्ति की कमियों को दूर करने के लिए ठोस प्रयास किये जा रहे हैं।

गरीबों के लिए पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड गरीबों की गरिमा का प्रतीक हैं और सरकार 3.15 करोड़ लाभार्थियों को बेहतरीन चावल वितरित कर रही है। उन्होंने कहा कि 50 लाख गरीब परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है और पिछले दो वर्षों में मुफ्त आरटीसी बस यात्रा पर लगभग 9,000 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए सौर ऊर्जा इकाइयां स्थापित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। इससे आदिवासी महिलाओं को लाभ होगा और छात्रावासों में मेस व कॉस्मेटिक शुल्क में भी वृद्धि की है।

श्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि ग्रुप-1 नौकरियां 87 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों से भरे गये हैं और दो वर्षों में 70,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की गयीं हैं।

शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के अभाव के कारण गरीबी बनी रहती है और उन्होंने छात्रों से स्पष्ट योजना के साथ पढ़ाई करने का आग्रह किया। उन्होंने घोषणा की कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए 100 निर्वाचन क्षेत्रों में 20,000 करोड़ रुपये की लागत से 'यंग इंडिया स्कूल' बनाये जा रहे हैं।

यह बताते हुए कि उनका इरादा जनता की सेवा करना है श्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि पिछड़े वर्गों को शासन में भागीदार होना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि अनुसूचित जाति को चार मंत्री पद और विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया गया है और सामाजिक परिवर्तन को सचेत रूप से मान्यता दी जा रही है।

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