संतकबीरनगर , अप्रैल 24 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने चंदा दिलाने के बहाने एक मदरसे के बैंक खाते का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा कर लिया।
ठगों ने मदरसा शिक्षक से खाते की जानकारी लेकर दो करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन किया और पैसे निकाल लिए। मामला तब सामने आया जब खाते पर विभिन्न राज्यों से होल्ड लग गया।पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर साइबर थाने की दो सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। यह घटना बेलहर के लोहरसन निवासी मौलवी मसउदुल हसन के साथ हुई, जो मसूद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी लोहरसन में अध्यापक हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने यहाँ बताया कि पीड़ित मदरसा शिक्षक के अनुसार छह मार्च को संतकबीरनगर और बस्ती के पांच लोग उनके घर आए। उन्होंने जर्जर मदरसे और मस्जिद के जीर्णोद्धार के लिए चंदा दिलाने का झांसा दिया।ठगों ने चंदा दिलाने के बहाने मौलवी मसउदुल हसन से उनका बैंक खाता, पैन कार्ड, आधार कार्ड, चेक बुक, यूजर आईडी, पासवर्ड और सिम कार्ड मांग लिया। उनके बहकावे में आकर मौलवी ने ये सभी जानकारियां और दस्तावेज उन्हें सौंप दिए।
ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि चंदे की रकम सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। 10 मार्च को जब मौलवी मसउदुल हसन बैंक गए और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से 2 करोड़ 21 लाख 96 हजार रूपये का लेन-देन हुआ है। यह रकम ठगों द्वारा निकाल भी ली गई थी। उन्हें यह भी जानकारी मिली कि तमिलनाडु, दिल्ली, मुंबई और कर्नाटक जैसे विभिन्न स्थानों से उनके बैंक खाते पर होल्ड लगा दिया गया है। जब उन्होंने ठगों से इस करोड़ों के लेनदेन पर आपत्ति जताई, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस अधीक्षक श्री मीना ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने लोगों को लालच या बहकावे में आकर किसी को भी अपना बैंक खाता, पैन कार्ड, आधार कार्ड, सिम कार्ड या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सलाह दी। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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