संतकबीरनगर , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली और धूल भरी आंधी से पूरा इलाका सराबोर हो गया।
तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश और इसी बीच गिरे ओलों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। इस प्राकृतिक हलचल का सबसे ज्यादा असर सड़कों पर देखने को मिला, जहाँ उड़ती धूल और कम दृश्यता के कारण दुपहिया वाहनों और ई-रिक्शा के पहिये पूरी तरह थम गए। वाहन चालकों को मजबूरन सड़क किनारे शरण लेनी पड़ी। आंधी और बारिश के इस मेल ने जहाँ एक ओर तापमान में गिरावट दर्ज की, वहीं दूसरी ओर अचानक आई इस आपदा ने राहगीरों की समस्याओं को बढ़ाते हुए जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
वर्षों बाद आई इस तरह की धूल भरी आँधी और ओलावृष्टि से छप्परों, टीन शेडों आदि को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं की भी सूचना है लेकिन प्रशासन द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। शाम पांच बजे शुरू हुई धूल भरी आँधी के पहले आसमान में गहरा धुंध छा गया था। कुछ ही देर बार भीषण धूल भरी आँधी शुरू हो गई। मौसम में हुए अचानक बदलाव से लोगों को भाग कर सुरक्षित स्थानों की शरण लेनी पड़ी। जो लोग सड़कों पर थे वे गंभीर संकट में पड़ गए थे। धूलभरी आँधी का कहर लगभग 40 मिनट तक रहा। इसके बाद ओले पड़ने शुरू हो गए। इस आँधी और ओलावृष्टि से काफी नुकसान की आशंका है लेकिन फिलहाल इसका विवरण नहीं मिल सका है।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने यहाँ बताया कि आँधी और ओलावृष्टि से हुए जान-माल के नुकसान के संबंध में रिपोर्ट के लिए जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
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