संतकबीरनगर , जुलाई 10 -- जिलाधिकारी आलोक कुमार ने आयुष्मान योजना अंतर्गत इंपैनल्ड खराब गुणवत्ता और सेवाओं वाले आठ निजी अस्पतालों को डी-इंपैनल्ड करने का आदेश दिया है।

श्री कुमार ने शुक्रवार को आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी चिकित्सालयों की गुणवत्ता, कार्यशीलता एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने के बाद उक्त आदेश दिया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि उनके निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयुष्मान योजना से संबद्ध जिले के 25 निजी चिकित्सालयों के निरीक्षण हेतु विभिन्न विभागों की जांच टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालवार कमियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के आठ निजी चिकित्सालय आयुष्मान योजना में पैनल पर बने रहने के लिए निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं।

इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें योजना से डी-इम्पैनल्ड किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर के सुरक्षित संचालन के लिए डिफिब्रिलेटर, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था तथा कम से कम दो आपात निकास द्वार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिन अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर संचालित हैं, परंतु डिफिब्रिलेटर उपलब्ध नहीं है, उन्हें दो सप्ताह के भीतर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपचारित मरीजों के मामलों तथा किए गए भुगतानों का अद्यतन विवरण तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष्मान योजना से संबद्ध हों अथवा सामान्य निजी चिकित्सालय, सभी का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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