संतकबीरनगर , जून 12 -- उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर में स्थित गांधी आश्रम की बारिश में महीनों पहले क्षतिग्रस्त हुई बाउंड्री का शुक्रवार को महिलाओं के विरोध और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच निर्माण कार्य शुरू हुआ।

एसडीएम धनघटा और थानाध्यक्ष महुली ने आक्रोशित महिलाओं को समझा बुझा कर कार्य शुरू कराया। बाद में मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक ने भी विरोध कर रही महिलाओं को शांत कराया।

एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने यहाँ बताया कि नाथनगर कस्बे में स्थित गांधी आश्रम की भूमि का रकबा लगभग 39 बिस्वा क्षेत्रफल में फैला हुआ है। उक्त गांधी आश्रम के पश्चिमी किनारे दशकों पुरानी बाउंड्री वॉल बनी हुई थी। पूर्व की बरसात में उक्त बाउंड्री ढह गई थी। गांधी आश्रम के संचालकों ने जब क्षतिग्रस्त बाउंड्री की मरम्मत कराने का प्रयास किया तो पड़ोस में स्थित ग्रामीणों ने यह कहते हुए निर्माण कार्य करने से रोक दिया कि उक्त बाउंड्री के भीतर उनकी जमीन है। तभी से गांधी आश्रम के संचालक जिला प्रशासन से लेकर शासन तक बाउंड्री निर्माण की मांग को लेकर गुहार लगा रहे थे।

शुक्रवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हलका लेखपाल से जमीन की नवैयत जाना। हलका लेखपाल के अनुसार गांधी आश्रम की 39 बिस्वा भूमि महुली नाथनगर मार्ग के पूरब तरफ स्थित है जबकि अपनी जमीन होने का दावा करने वाले हर्षचंद्र चौहान और जनार्दन आदि की सवा दो बिस्वा भूमि का नंबर सड़क के पश्चिम दिशा में है।

हरिश्चंद्र आदि ने आरोप लगाया कि इसके पहले जब जमीन की मापी की गई थी तो लेखपाल ने बताया था कि उनकी जमीन गांधी आश्रम की बाउंड्री के भीतर भी है। इसी बात को लेकर इनके परिवार की महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि कि बाद में एसडीएम और थानाध्यक्ष के समझाने के बाद मामला शांत हुआ और बाउंड्री निर्माण का कार्य शुरू हुआ। निर्माण कार्य पूरा होने तक दोनों अधिकारी कार्य स्थल पर जमे रहे। बाद में मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक ने भी ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

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