संतकबीरनगर , सितंबर 04 -- राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में लापरवाही पर राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा की समीक्षा के बाद संतकबीरनगर के तहसील खलीलाबाद के तहसीलदार आनंद कुमार ओझा समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।
इनमें जनपद के धनघटा तहसील में पूर्व में तैनात रहे नायब तहसीलदार और वर्तमान में गोण्डा में तैनात तहसीलदार हरेराम यादव भी शामिल हैं। निलंबित अधिकारियों को अलग-अलग मंडलायुक्त कार्यालयों से संबद्ध किया गया है।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने यहाँ बताया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान तहसीलदार खलीलाबाद के न्यायालय में बड़ी संख्या में मामले लंबित पाए गए। इनकी संख्या दो हजार से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, एडीएम न्यायिक चंद्रेश कुमार सिंह के अनुसार शासन स्तर से हुई कार्रवाई में लंबित मामलों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है। निलंबन के बाद तहसीलदार आनंद कुमार ओझा को बस्ती मंडलायुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है। तहसील केअधिकारियों के मुताबिक अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण राजस्व न्यायालयों की सुनवाई प्रभावित हुई, जिससे मामलों के निस्तारण पर असर पड़ा। निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार पट्टी एवं वर्तमान में प्रयागराज में तैनात तहसीलदार पवन कुमार सिंह, बलिया के तहसीलदार अतुल हर्ष, तत्कालीन नायब तहसीलदार धनघटा एवं वर्तमान में गोंडा में तैनात तहसीलदार हरेराम यादव, खलीलाबाद के तहसीलदार आनंद कुमार ओझा तथा लखनऊ की सरोजनीनगर तहसील में तैनात नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह शामिल हैं। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा है।
उल्लेखनीय है कि जनपद के राजस्व न्यायालयों में आए दिन हड़ताल और विभिन्न कारणों से अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण राजस्व मुकदमों का निस्तारण प्रभावित होता है वहीँ राजस्व अधिकारी भी मुकदमों के निस्तारण में अरुचि दिखाते हैं तथा सेलेक्टिव तरीके से कार्य करते हैं जिससे राजस्व न्यायालयों का कार्य आए दिन प्रभावित होता रहता है।
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