संतकबीरनगर , जुलाई 19 -- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को कहा कि गाय के नाम पर चुप्पी साधने वाले हिंदुत्व की बातें न करें।
शंकराचार्य ने आज खलीलाबाद आगमन पर नगर में स्थित आर्य समाज मंदिर के पास स्वागत के दौरान हनुमानगढ़ी, गौ संरक्षण और हिंदुत्व सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के दावों को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि वहां की सीढ़ियों की बनावट ऐसी नहीं है कि उन पर खड़े होकर नमाज अदा की जा सके।
उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां लगभग 10 इंच चौड़ी और 6 इंच ऊंची हैं। ऐसे स्थान पर नमाज पढ़ना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि यदि इस तरह का कोई वीडियो या फोटो उपलब्ध हो तो उसे सामने लाया जाए। उनके अनुसार बिना तथ्यों के इस प्रकार के बयान देना उचित नहीं है।
शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री का नाम लेते हुए कहा कि इस तरह के दावे उनकी गरिमा को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में तथ्यों पर आधारित बयान ही दिए जाने चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार गाय को "राष्ट्रमाता" का दर्जा दे।
उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था का विषय है। उनका कहना था कि अंग्रेजी शासन के दौरान गाय को केवल पशु की श्रेणी में रखा गया था और स्वतंत्र भारत में इस विषय पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अब विभिन्न समुदायों, जिनमें मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हैं, के लोग भी गौ संरक्षण और गाय को सम्मानजनक दर्जा दिए जाने के पक्ष में सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस विषय को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से देखा जाना चाहिए। शंकराचार्य ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी एक राजनीतिक दल की बपौती नहीं है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान उन्हें सभी दलों में ऐसे लोग मिले जो अपनी आस्था और धर्म के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को हिंदुत्व का एकमात्र प्रतिनिधि बताना उचित नहीं है।
उन्होंने लोगों से धर्म, संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया और कहा कि समाज को इन विषयों पर खुलकर अपनी आवाज उठानी चाहिए। स्वागत करने वालों अनेक सपा नेता शामिल रहे। यहाँ से शंकराचार्य जी का काफिला नगर के सेठ पवन कुमार छापड़िया और आशीष छापड़िया के प्रतिष्ठान/आवास पर पहुँचा जहाँ मारवाड़ी समाज सहित अन्य लोगों ने स्वागत किया।
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