नयी दिल्ली , मई 09 -- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को यहां सेना अस्पताल ( आर आर अस्पताल) के नेत्र विज्ञान विभाग के एआईओएस-सशस्त्र बल नेत्र विज्ञान अद्यतन सम्मेलन का उद्घाटन किया।

आर आर अस्पताल ने दो दिन का यह सम्मेलन अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया है। यह कार्यक्रम सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिसमें सैन्य नेत्र विशेषज्ञों तथा भारत एवं विदेशों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को अत्याधुनिक नेत्र अनुसंधान, नवाचार और चिकित्सीय उत्कृष्टता के लिए एक साझा शैक्षणिक मंच पर एकत्र किया गया है।

रक्षा राज्य मंत्री ने इस अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं, सेना चिकित्सा कोर और अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान सोसायटी के समर्पित प्रयासों तथा राष्ट्र के प्रति उनकी निःस्वार्थ सेवा की सराहना की। उन्होंने 'नर सेवा नारायण सेवा' की भावना पर बल देते हुए राष्ट्र निर्माण और मानव सेवा में डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

श्री सेठ ने कहा, "भारतीय नेत्र विशेषज्ञ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों में शामिल हैं। उनकी दक्षता, समर्पण और करुणा ने लाखों लोगों की दृष्टि लौटाई है - हमारे शहरों में, गाँवों में और सबसे कठिन सीमावर्ती क्षेत्रों में भी। हमारे सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं के पुरुष और महिलाएँ इसी परंपरा को असाधारण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। यह सम्मेलन इस बात का गौरवपूर्ण प्रमाण है कि हमारे वर्दीधारी डॉक्टर क्या करने में सक्षम हैं, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि भारतीय नेत्र विज्ञान आगे भी विश्व का नेतृत्व करता रहेगा।"उन्होंने सशस्त्र बल अस्पतालों में स्थापित विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा उपकरणों की भी सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सैन्य चिकित्सा व्यवस्था दुनिया की सबसे उन्नत निदान और शल्य चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। उन्होंने सैन्य चिकित्सा के दूरदर्शी, अनुकूलनशील और स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक नेतृत्व की भारत की आकांक्षा के अनुरूप दृष्टिकोण की प्रशंसा की।

रक्षा राज्य मंत्री ने पिछले सोलह महीनों में भारत के आठ दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में आयोजित उन्नत शल्य चिकित्सा नेत्र शिविरों को सशस्त्र बलों की सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों ने देश के सबसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को दृष्टि का प्रकाश प्रदान किया है और ऐसी सेवा भारतीय सैनिक की सच्ची भावना को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त नेत्र विशेषज्ञ प्रोफेसर हरमिंदर सिंह दुआ, जिन्हें कॉर्नियल विज्ञान और 'दुआ लेयर' की खोज के लिए जाना जाता है, तथा सिंगापुर के रेटिना इमेजिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नेत्र निदान विशेषज्ञ डॉ. कॉलिन सियांग हुई टैन को भी सम्मानित किया।

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक वाइस एडमिरल आरती सारिन ने सैन्य चिकित्सा के स्तर को ऊँचा उठाने में अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विश्वास व्यक्त किया कि एआईओएस-एएफओयू 2026 देश में नेत्र विज्ञान सम्मेलनों के लिए नया मानदंड स्थापित करेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित