मुंबई , अगस्त 12 -- महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के बारे में बात करने से पहले उन्हें 9,500 करोड़ रुपये का हिसाब देना चाहिए।

महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री राउत को महा विकास अघाड़ी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के दौरान कथित रूप से हर दिन 100 करोड़ रुपये की दर से कमाए गए 9,500 करोड़ रुपये का हिसाब देना चाहिए।

श्री बान ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में गढ़चिरौली में विकास हो रहा है। वहां एक इस्पात केंद्र बनाने का काम चल रहा है साथ ही स्थानीय आदिवासी समुदायों को बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं, बेहतर सड़कें और अच्छी सुविधाओं वाली इमारतें बनाई जा रही हैं और राज्य सरकार ने इस इलाके में काफी निवेश किया है। श्री राउत को पैसे की हेराफेरी करने का तरीका सबसे अच्छी तरह पता है।

श्री बान ने कहा कि पात्रा चॉल मामले और खिचड़ी घोटाले से जुड़े आरोपों का सामना कर रहे और मज़दूरों का शोषण करने व उनके पैसे हड़पने के आरोपी व्यक्ति को भ्रष्टाचार के बारे में बात नहीं करनी चाहिए।

गढ़चिरौली आश्रम स्कूल मामले का उल्लेख करते हुए श्री बान ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने कैबिनेट बैठक में स्कूल की मान्यता रद्द करने का आदेश दिया था और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

उन्होंने कहा कि आदिवासी विकास मंत्री खुद उस जगह का दौरा करेंगे और आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश देंगे। श्री बान ने यह भी कहा कि आश्रम स्कूल चलाने वाले मारुतराव कोवासे तीन बार कांग्रेस के विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। सरकार इन स्कूलों का वित्तपोषण करती है लेकिन वित्त का इस्तेमाल करने की ज़िम्मेदारी उन्हें चलाने वाले संस्थानों की होती है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी होने पर सरकार कार्रवाई करती है।

श्री बान ने कहा, "तीन छात्राओं की मौत हो गई। क्या आप इस मामले पर राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से सवाल करेंगे?"शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर श्री बान ने कहा कि जनता की अदालत में फ़ैसला पहले ही हो चुका है और असली शिवसेना एकनाथ शिंदे की है। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें समर्थन दिया है जो सम्मानित बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाते हैं।

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