मुंबई , अक्टूबर 31 -- मझगांव की एक अदालत ने उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे के खिलाफ शनिवार को वारंट जारी किया।
इससे पहले मंत्री नितेश राणे के कणकवली स्थित आवासीय पते पर वारंट जारी किया गया था। वह वारंट हालांकि तामील नहीं हो सका, जिसके बाद सूत्रों के अनुसार श्री राणे के मुंबई स्थित आधिकारिक आवासीय पते पर नया वारंट जारी किया गया है।
यह मामला मई 2023 में नितेश राणे के एक संवाददाता सम्मेलन में दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि श्री राउत जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल होंगे।
श्री राणे ने दावा किया था कि श्री राउत के राकांपा में प्रवेश को लेकर बैठकें हुई थीं और श्री राउत इस शर्त पर पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार थे कि दिवंगत अजीत पवार को राकांपा से निष्कासित कर दिया जाए।
इस बयान के बाद उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना और राकांपा दोनों ने श्री राणे के दावों को खारिज कर दिया था। इसके बाद श्री राउत ने 2023 में श्री राणे के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। श्री राउत ने आरोप लगाया था कि श्री राणे ने उन्हें 'सांप' कहा था और दावा किया था कि वे 10 जून 2023 (राकांपा का 25वां स्थापना दिवस) तक श्री ठाकरे को छोड़कर राकांपा में शामिल हो जाएंगे।
इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए श्री राणे का अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य था, लेकिन वे बार-बार पेश होने में विफल रहे। इससे पहले भी श्री राणे के खिलाफ दो जमानती और एक गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे, जिन्हें बाद में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।
अदालत की सुनवाई से श्री राणे की लगातार अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उनके कणकवली स्थित पते पर वारंट जारी किया था। श्री राउत के वकीलों द्वारा अदालत को सूचित किया गया कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी कणकवली पुलिस पिछला वारंट तामील कराने में विफल रही है। इसके बाद अदालत ने मंत्री राणे के मुंबई स्थित आधिकारिक आवास के पते पर नया वारंट जारी किया।
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