सहारनपुर , जून 16 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री संजय गर्ग की मांग पर प्रदेश सरकार ने अपनी सहमति का पत्र केन्द्र को भेज दिया।

श्री गर्ग ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि वह कई वर्षों से सहारनपुर में आईआईटी की स्थापना के प्रयासों में लगे हुए थे। वह गत दो मई को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिले थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि आईआईटी रुड़की के सहारनपुर स्थित द्वितीय परिषद (पूर्व आईपीपीटी) तथा उससे सटे सीपीपीआरआई (केंद्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान) के परिसर को मिलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहारनपुर में नया आईआईटी खोला जाए। क्योंकि दोनों परिसरों का समुचित इस्तेमाल नहीं हो रहा है और उनका आधारभूत ढांचा इस्तेमाल करते हुए बिना किसी अन्य व्यय के यहां तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए उच्च शिक्षण संस्थान आईआईटी की स्थापना हो सकती है।

उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की के द्वितीय परिसर में 25 एकड़ भूमि एवं 600 कमरों का छात्रावास, प्रयोगशालाएं कक्षाएं एवं शिक्षक आवास खाली पड़े हुए हैं। अभी यहां केवल 150 छात्र/छात्राएं ही एमटैक एवं पीएचडी की शिक्षा ले रहे हैं। यह संस्थान उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय केन्द्र सरकार के अधीन है। जबकि सीपीपीआरआई का प्रशासनिक नियंत्रण केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के अधीन है। इस संस्थान के पास 95 एकड़ भूमि, प्रशासनिक भवन, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी आदि है। यहां मात्र 14 वैज्ञानिक एवं 28 टैक्नीकल एवं प्रशासनिक अधिकारी (कुल 42) है। इस संस्थान का कोई भी सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे हालात में केन्द्र के दोनों विभाग मिलकर सहारनपुर में उपलब्ध इस आधारभूत ढांचे का इस्तेमाल यहां एक नई आईआईटी खोलने में कर सकते है। जिसका व्यापक फायदा उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलेगा।

गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी आबादी के उत्तर प्रदेश में केवल दो आईआईटी कानपुर एवं वाराणसी में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जैसे पूरे देश में ऑल इंडिया इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसिज (एम्स) की स्थापना कराई है उसी तरह आईआईटी के नए संस्थान खोले जाना भी बेहद जरूरी है। गत पांच जून को सहारनपुर में पर्यावरण दिवस पर भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेश जैन से सहारनपुर वासियों ने यहां आईआईटी संस्थान खोले जाने की मांग की थी।

श्री गर्ग ने इससे पूर्व पिछले साल 20 जुलाई को एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल के साथ केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से भेंट की थी। श्री प्रधान ने श्री गर्ग की मांग को उचित मानते हुए कहा कि इसके लिए उत्तर प्रदेश की सहमति भी आवश्यक होगी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाक्टर एम.के. शनमुगा सुंदरम ने सहमति पत्र केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव को भेजा है और श्री गर्ग को भी इससे अवगत कराया है।

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