भोपाल , मई 17 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत में आयोजित संघ शिक्षा वर्गों का आज रविवार को औपचारिक उद्घाटन किया गया। शिवपुरी, ब्यावरा और बैतूल में आयोजित इन वर्गों में कुल 743 स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता ने शिवपुरी में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना स्थली है, जहां शिक्षार्थी साधक के रूप में शारीरिक, बौद्धिक और व्यवस्थात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण मन की साधना से ही संभव है।

उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार और संगठन सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करना सौभाग्य का विषय है। वर्ग में समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदना और स्वावलंबन जैसे गुणों का विकास होता है।

शिवपुरी के सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय फतेहपुर में विद्यार्थी वर्ग, ब्यावरा में तरुण व्यवसायी कार्यकर्ताओं का वर्ग और बैतूल में 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के स्वयंसेवकों के लिए विशेष वर्ग आयोजित किया जा रहा है। तीनों वर्ग 16 मई से प्रारंभ हुए हैं और 15 दिन तक संचालित होंगे।

ब्यावरा में आयोजित वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रांत सह-संघचालक डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग व्यक्ति के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और वैचारिक स्पष्टता का केंद्र है। उन्होंने कहा कि 'राष्ट्र प्रथम' केवल नारा नहीं बल्कि जीवन का मूल भाव होना चाहिए।

डॉ. सेठी ने कहा कि भारत के पास ऐसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति है, जो विश्व को दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि संघ की कार्यपद्धति अनुशासित और वैज्ञानिक है, जो भारत को परम वैभव तक पहुंचाने में सक्षम है।

बैतूल स्थित भारत भारती विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग एक साधना है, जो शिक्षार्थियों के शारीरिक और आत्मिक विकास में सहायक है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में निरंतर अभ्यास और अनुशासन से ही साधना सफल होती है।

उन्होंने कहा कि समाज परिवर्तन में शाखा की भूमिका को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वयंसेवक वर्ग में प्रशिक्षण लेने आते हैं। संघ के अनुसार मध्यभारत प्रांत के 31 जिलों से कुल 743 स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें शिवपुरी में 369, ब्यावरा में 200 और बैतूल में 174 स्वयंसेवक शामिल हैं।

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