पटना , जुलाई 29 -- ुवाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य को साकार करती बिहार सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना प्रदेश में हजारों बेरोजगार युवाओं एवं कामगार मजदूरों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का कार्य किया है। बिहार में उद्योग विभाग द्वारा 2021 में इस योजना की शुरूआत की गयी थी,जिसके बाद अबतक हजारों युवा व कामगारों ने इसका लाभ लेकर अपना खूद का व्यवसाय शुरू कर न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं।

योजना की लाभार्थी अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड निवासी प्रिया कुमारी ने अपनी कहानी बयां करते हुए कहा कि ससुराल में उनका आटा-चक्की मिल का व्यापार चलता था। लेकिन राशि के अभाव के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थी। 2024 में योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अपने गृह जिला से योजना का आवेदन पत्र भरा। जिससे उन्हे मुख्यमंत्री द्वारा 7 लाख ऋण प्राप्त हुआ। राशि अकाउंट में आते ही उन्होंने अपने चक्की में आटा के अलावा नये-नये उपकरण को अपने दुकान में इंस्टॉल किया। जिससे आज अपने कारोबार को आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा दिया है।

वहीं अररिया जिले के फरबिसगंज प्रखंड में मिठाई व नाश्ते की दुकान चलाने वाले लाभार्थी अविनाश ने बताया कि साल 2025 से पहले वे जिले के ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में मजदूरी किया करते थे। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वे अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रहे थे। साल 2025 में उन्हें स्व-रोजगार शुरू करने के लिए 7.5 लाख ऋण प्राप्त हुआ। जिसके बाद उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अविनाश ने कहा कि आज वे अपनी दुकान से मेहनत कर महीने का करीब 40 हजार से अधिक की कमाई कर लेते है। इसके साथ ही वे अपने दुकान में प्रखंड के चार लोगों को स्थायी रोजगार भी दिया है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का लाभ मिलने के बाद वे मजदूरी छोड़ अपने परिवार के साथ सपनों की जिंदगी जी रहे है। साथ ही वे अपने बच्चों के अच्छी शिक्षा के लिए अपने आय से पैसे भी जमा कर लेते हैं।

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