अलवर , मार्च 27 -- राजस्थान में अलवर जिले के सिलीसेढ़-सरिस्का क्षेत्र में एक अनोखा और दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहां फ्रांस से आये विदेशी पर्यटकों ने ग्रामीण किसानों के साथ मिलकर खेतों में गेहूंकी फसल निकालने में हाथ बंटाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शोदानपुरा गांव (सिलीसेढ़ झील के समीप) में नेतराम गुर्जर के खेत पर इन दिनों गेहूं की कटाई और थ्रेसर से अनाज निकालने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान वहां घूमने आए करीब छह फ्रांसीसी पर्यटक खेतों की गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गये।

पर्यटक केवल देखने तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने खुद खेत में उतरकर गेहूं की पूलियों को थ्रेसर में डालकर अनाज निकालने में किसानों की मदद की। तेज गर्मी के बावजूद उनकी मेहनत और उत्साह ने सभी ग्रामीणों का दिल जीत लिया।

इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टर पर लगे मिनी डीजे पर विदेशी मेहमानों को नाचने के लिए आमंत्रित किया। भाषा की हालांकि समझ न होने के बावजूद, विदेशी मेहमान भारतीय गीतों की धुन पर झूमते नजर आये। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए बेहद खास और यादगार बन गया।

एक ग्रामीण ने बताया कि विदेशी मेहमानों ने भारत की खेती और ग्रामीण जीवन को करीब से समझने में गहरी रुचि दिखायी। उन्होंने किसानों से खेती के तरीकों के बारे में जानकारी ली और भारतीय कृषि प्रणाली की सराहना की।

इस अनोखे सांस्कृतिक मिलन ने न केवल किसानों को खुशी दी, बल्कि भारत की ग्रामीण संस्कृति और मेहमाननवाजी की एक खूबसूरत तस्वीर भी पेश की।

इससे पहले भी सरिस्का में विदेश से आए पशु चिकित्सा के विद्यार्थियों द्वारा इसी तरह ग्रामीण गीतों पर नृत्य किया।

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