चित्रकूट , अगस्त 30 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बाढ़ प्रभावित चित्रकूट का दौरा कर प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तथा उन्हें वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न सहित राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रीवा से सीधे चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने प्राचीन मुखारविंद के पास बनाए गए आश्रय स्थल में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की कुशल-क्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण कई घरों में पानी घुसने से लोगों को नुकसान हुआ है और चित्रकूट की अधोसंरचना भी प्रभावित हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजीवन सामान्य होने तक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी चित्रकूट में ही रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें।
मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल में बांदा जिले के बबेरू से आए श्रद्धालु राजू सिंह से भी चर्चा की। राजू सिंह ने बताया कि वह करीब 20 लोगों के साथ कामतानाथ स्वामी के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन बाढ़ का पानी भर जाने के कारण वापस नहीं लौट सके। उन्होंने बताया कि राहत शिविर में प्रशासन द्वारा भोजन, पानी और नाश्ते की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों का पैदल भ्रमण करते हुए रामधाम मोहल्ले में प्रभावित परिवारों के घरों तक पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने श्री रामफल गर्ग और श्री किस्मत कुमार गर्ग के घर पहुंचकर जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सतना-चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को नियमानुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को भोजन, वस्त्र, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रशासन पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने बताया कि चित्रकूट में लगातार हुई अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी। कई क्षेत्रों में घरों में पानी भरने से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार रात उन्होंने रीवा में रुककर सतना और रीवा जिलों की बाढ़ स्थिति की समीक्षा की थी। मौसम के पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पहले से अलर्ट था, जिससे समय रहते बचाव कार्य किए जा सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्यों को गति देना है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सके।
डॉ. यादव ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का समुचित सर्वे कराया जाएगा। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य किसी प्रकार का नुकसान हुआ है, उनके प्रकरण तैयार कर नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावितों तक सूखा राशन और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जाए।
इस अवसर पर चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल, प्रबल श्रीवास्तव, रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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