नयी दिल्ली , मार्च 23 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि संकटग्रस्त आवास योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है लेकिन परियोजना की शर्तों का इसमें पूरा होना आवश्यक है तभी परियोजना के लिए मदद दी जा सकती है।

श्रीमती सीतारमण ने लोकसभा में सोमवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि 'संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं के लिए 'स्वामीह' योजना' के तहत पहला चरण 2022 तक चला। इस चरण के लिए 15000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए थे और इसमें 10000 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। वर्ष 2022 के बाद के बाद दूसरी योजना चल रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए कुछ शर्ते रखी गई है और उन सबका का पूरा होना आवश्यक है। इसके लिए सीमा तय की गई है और यदि प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है तो फिर उसके लिए स्वामी योजना उपलब्ध नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि स्वामी योजना के लिए छह शर्तें रखी गई है। यदि इस योजना का लाभ लेना है तो हर योजना के लिए इन शर्तों का पूरा होना आवश्यक है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि योजना का पहला चरण पूरा हो चुका है लेकिन उन्हें मालूम है कि अब भी बहुत सारे लोग हैं जिन्हें अभी इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि इन योजनाओं के लिए जहां जरूरी शर्तें पूरी हैं वहां परियोजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसके तहत राजस्थान, कर्नाटक में छह-छह और कई राज्यों में परियोजनाएं चल रही है।

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