पटना , मई 07 -- िहार की चर्चित युवा नेत्री एवं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने खेल से लेकर राजनीति तक का सफल और प्रेरणादायक रास्ता तय कर एक अलग पहचान बनाई है।
श्रेयसी सिंह ने कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया और अब वह राज्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।
राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से श्रेयसी सिंह ने आज काबीना मंत्री पद की शपथ ली। वे इससे पहले भी नीतीश कुमार सरकार में मंत्री रह चुकी हैं और प्रशासनिक कार्यों का अनुभव रखती हैं।
श्रेयसी सिंह का जन्म 29 अगस्त 1991 को एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में हुआ। उनके पिता दिग्विजय सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता रहे हैं, जबकि उनकी माता पुतुल कुमारी भी पूर्व सांसद रह चुकी हैं। राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ परिवार में खेल का भी मजबूत माहौल रहा, जिसने उनके व्यक्तित्व को प्रभावित किया।उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही उन्हें खेलों, विशेषकर निशानेबाजी में गहरी रुचि थी। उनके पिता राष्ट्रीय राइफल महासंघ के अध्यक्ष रहे और इस कारण उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
श्रेयसी सिंह ने निशानेबाजी को अपना करियर बनाते हुए ओलंपिक शूटिंग में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीते और देश का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें भारत की शीर्ष महिला शूटर खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।
अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए श्रेयसी ने वर्ष 2020 में भाजपा से जुड़कर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। उसी वर्ष वे जमुई विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं और क्षेत्र के विकास, युवाओं के मुद्दों तथा खेल से जुड़े विषयों पर लगातार सक्रिय भूमिका निभाती रहीं।
वर्ष 2025 में भी उन्होंने जमुई सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, जिससे उनकी लोकप्रियता और जनाधार और मजबूत हुआ। इसके बाद उन्हें बिहार सरकार में खेल विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का मंत्री बनाया गया।
सम्राट चौधरी की सरकार में श्रेयसी सिंह के मंत्री बनने से राज्य में युवा नेतृत्व, खेल प्रतिभा और प्रशासनिक अनुभव के बेहतर समन्वय के रूप में देखा जा रहा है। उनका राजनीतिक और खेल जीवन युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
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