वाराणसी , अप्रैल 9 -- श्री काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंच रहे हैं। लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर रील्स और लाइक्स के चक्कर में अनावश्यक टिप्पणियां कर रहे हैं।

मंदिर न्यास के कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने गुरुवार को बताया कि ठंड के मौसम का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर भ्रामक टिप्पणियां की जा रही हैं। जबकि वर्तमान में गर्मी को देखते हुए मंदिर परिसर में जर्मन हैंगर लगा दिया गया है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध करता है कि मंदिर के स्वर्ण शिखर से संबंधित अनावश्यक टिप्पणियों से बचें। भगवान विश्वनाथ के इस प्राचीन भवन की वर्ष 2007 और 2015 में दो बार भवन सुरक्षा की दृष्टि से विशेषज्ञों द्वारा जांच कराई जा चुकी है और रिपोर्ट सक्षम स्तर पर भेज दी गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रतिदिन आने वाले विशाल संख्या में दर्शनार्थियों तथा वर्तमान भवन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की सलाह से आवश्यक संरचनात्मक एवं सुरक्षात्मक संरक्षण कार्य हेतु सक्षम स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 1983 में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास अधिनियम के तहत न्यास के अस्तित्व में आने के बाद मंदिर के स्वामित्व में प्राप्त या पूर्व से चली आ रही स्वर्ण एवं अन्य मूल्यवान चल संपत्ति को समुचित अभिरक्षा में रखते हुए श्री विश्वेश्वर की संपत्ति पंजिका में अंकित कर सुरक्षित रखा गया है।

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